हमारे आज की आवाज़

ज़ुल्मी जब जब ज़ुल्म करेगा सत्ता के हथियारों से

चप्पा चप्पा गूँज उठेगा इंकलाब के नारों से

अनिर्बान का भाषण

उमर का भाषण

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