Ved Prakash Sharma and the ‘pulp’

The Hindi belt exists in twin extremes- there is a Hindi high culture represented by what is known as Hindi literature and there is Hindi pulp. In a largely semi-literate context, Meerut publishers filled the gap with their embrace of the popular/filmy/Bazaar language.

क्या इज़रायल को ट्रंप का अंध-समर्थन अस्थिरता को बढ़ावा देगा?

रंप के निर्वाचन के साथ ही इजरायल का धुर-दक्षिणपंथी तबका जोश में है और कब्ज़ा की गयी जमीन पर यहूदियों को बसाने का काम तेज कर दिया गया है. नेतन्याहू अपनी आक्रामक नीति पर ट्रंप की मुहर लेकर वाशिंगटन से लौटेंगे.

निश्चित रूप से फिलीस्तीनियों के लिए यह बड़ा झटका है और इसका हिंसक प्रतिवाद होने की संभावना बलवती हो गयी है. अरब में अमेरिका के मित्र-राष्ट्रों को भी इससे परेशानी हो सकती है, लेकिन उनके स्वार्थी रवैये के इतिहास को देखते हुए ऐसा नहीं लगता कि वे कोई ठोस विरोध दर्ज करायेंगे.

The Road to 2019

Narendra Modi unites the opposition, like Indira Gandhi once did. That time the RSS joined it against the Congress. Now the Congress is with it against the BJP. The temptations for the AAP to team up against the BJP are many. But the moment it gets sucked into the caste permutations of the BSP, SP, RJD and JD (U), and gets drawn into their coalitional politics, it will become just another political party. Another ayaram, gayaram party.

भोजपुरी फिल्म फेस्टिवल : अपने ही जाल में उलझा भोजपुरी सिनेमा

पलायन, अकेलेपन और बिना किसी सांस्कृतिक चेतना के भटकती आबादी को फूहड़ फंतासी परोसकर पैसा कमाने की होड़ मची हुई है. फिल्मों और म्यूजिक एल्बमों में कोई फर्क नहीं रह गया है. बदलते दौर की भौतिक चमक-दमक को तो भोजपुरी सिनेमा खूब दिखाता है, पर सामाजिक-सांस्कृतिक मूल्यों की जड़ता से नहीं भिड़ता. वह एक बड़े विभ्रम का शिकार है. इसी विभ्रम में वह सतही फिल्मों को ‘लिट्टी-चोखा’ और ‘माई की बोली’ के आवरण में परोसता है.

Mediocre ‘musical’ La La Land deserves to win at the Oscars – it’s a story for our uninspiring age

La La Land already plays like an awards show, before it’s won any Academy Awards – it’s a tribute reel, like one of those clever end-of-ceremony acts where Neil Patrick Harris does a song and dance and brings the house down. It’s a white male American dream, a story where the alternate version of what happened to the characters is just as persuasive and powerful, and a lot more glamorous, than what we just saw happening. It’s La La Land.

My Three Years at Mahbub College

I still refer to my three years at Mahbub College as my hard knocks years. And believe me, nothing prepared me for life, as my three years here. I am glad I went back to it yesterday.

एक पाती अमेरिका के नाम

आप सोचिये, एक तरफ़ आपका राष्ट्रपति,चाहे वह कोई भी हो, शांति की बड़ी-बड़ी बातें करता है, और दूसरी तरफ़ दुनिया के कोने-कोने में अपने सैनिक, हथियार और परमाणु मिसाइल भेजता है. दियेगो गार्सिया गूगल कीजियेगा. मैं जहाँ से यह सब लिख रहा हूँ, वहाँ से आपके देश की दूरी हज़ारों किलोमीटर है, पर हिंद और प्रशांत महासागरों में घूमते आपके नौसैनिक पोतों से मिनटों के भीतर मेरे ऊपर परमाणु बम गिराया जा सकता है, आप ड्रोन भेज कर मुझे मार सकते हैं.

सीरिया में शांति की उम्मीद

पांच सालों से अधिक समय से चल रहे सीरियाई गृह युद्ध के सिलसिले में आगामी दिनों में महत्वपूर्ण बदलाव हो सकते हैं. पर, स्थायी शांति की अभी कोई गारंटी नहीं दी सकती है. लेबनान का सशस्त्र गुट हिजबुल्ला भी सीरिया में है. इसे ईरान और बशर अल-असद का समर्थन भी है. यमन में भी ईरान हौदी विद्रोहियों का समर्थन कर रहा है जिनके विरुद्ध सऊदी अरब का बड़ा गंठबंधन लड़ रहा है. रूस के प्रभाव के प्रति अमेरिका और यूरोप के नकारात्मक रवैये में भी बहुत जल्दी कोई अंतर नहीं आनेवाला है. फिर इसलामिक स्टेट और अल-कायदा से जुड़े गिरोहों की सक्रियता शांति वार्ताओं के परिणामों पर निर्भर नहीं करती है.

The Cost and Consequences of Demonetization?

The topmost priority for the government now should be is to remonetize the economy fully. Unless remonetization is complete, growth cannot be restored and employment cannot be generated.

Women through the ages

A country which doesn’t critically and continually examine its past, and discard what is considered regressive, iniquitous, unjust and derogatory to its women, socially marginalised sections and other disadvantaged groups, is condemned to repeat it, to its collective misery.

An Open Letter to Meryl Streep

When I read your speech, I thought that you should have given some more examples of bullying, particularly by those who are/were in power, and they have abused or continuously abusing that status. Let me add some to that. You may not like those examples because they are related to some of the powerful who you love, like and have campaigned for.