रक्त बीज – अरुण देव

नई पीढ़ी के महत्वपूर्ण कवियों में गिने जाते हैं अरुण देव. पेशे से शिक्षक हैं. प्रस्तुत है उनकी एक कविता: रक्त बीज जैसे कोई अभिशप्त मंत्र जुड़ गया हो मेरे नाभि–नाल से हर… Continue reading

बी आर चोपड़ा का सफ़र -भाग तीन

वरिष्ठ फ़िल्म पत्रकार अजय ब्रह्मात्मज के ब्लॉग के लिये मैं बी आर चोपड़ा पर एक सिरीज़ लिख रहा हूँ. प्रस्तुत है उसकी तीसरी कड़ी: http://chavannichap.blogspot.com/ अफ़साना की शूटिंग के शुरुआती कुछ दिनों में… Continue reading

Boiling Kashmir

Amit Ranjan, a Research Scholar in South Asian Studies division of School of International Studies, Jawaharlal Nehru University, New Delhi tells us about the situation today in Kashmir. (published in the Rising Kashmir/16th… Continue reading

फिल्मी जुनून के पचास साल

पुणे स्थित फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीच्यूट ने भारतीय सिनेमा को कई बेहतरीन कलाकार और फिल्मकार दिए. समांतर सिनेमा का तो जैसे वह सूत्रधार ही रहा है. तकनीक के क्षेत्र में भी इसका योगदान… Continue reading

बी आर चोपड़ा का सफ़र/ भाग दो

‘करवट’ की असफलता के बाद एक बार फिर बी आर चोपड़ा ने फिल्मी-दुनिया में एक सम्भावना की तलाश शुरू की.

Gaon Chhodab Nahin / We Will Not Leave Our Village

Gaon Chhodab Nahin / We Will Not Leave Our Village directed by K. P. Sasi Inspired by a song by Bhaghwan Maaji, Leader of the adivasi struggle against bauxite mining in Kashipur. Lyrics:… Continue reading

South Africa: FIFA forbids free speech at World Cup

by Patrick Bond July 7, 2010/ http://links.org.au/node/1779   Acting against our alleged “ambush marketing” and “incitement” (sic), the South African Police Service, newly augmented with 40,000 additional cadre for the World Cup, detained… Continue reading

देश मेरा रंगरेज ए बाबू …..रंग-रंगीला परजातंतर

पीपली लाईव पर कुछ बात, तस्वीरें और टीज़र बहुत बहुत दिनों के बाद ऐसी कोई फ़िल्म आ रही है जिसका इंतज़ार इतनी बेसब्री से मैं कर रहा हूँ. यह फ़िल्म है ‘पीपली लाईव’. मुझे… Continue reading

बी आर चोपड़ा का सफ़र/ भाग एक

वरिष्ठ फ़िल्म पत्रकार अजय ब्रह्मात्मज के ब्लॉग के लिये मैं बी आर चोपड़ा पर एक सिरीज़ लिख रहा हूँ. प्रस्तुत है उसकी पहली कड़ी: http://chavannichap.blogspot.com/ बम्बईया सिनेमा को देश के सांस्कृतिक जीवन में… Continue reading

लाहौर वाले दाता गंज बख्श

प्रकाश के रे बरगद के संपादक हैं. लाहौर के दाता गंज बख्श के पवित्र मज़ार में गुरुवार देर शाम हुए दो फ़िदायीन हमले में कम-से-कम ४० लोग मारे गए हैं और २०० से अधिक… Continue reading

प्रेम के विरुद्ध खड़ी सभ्यता को संबोधित एक कविता

मुंगेर (बिहार) में 1948 में जन्मे आलोक धन्वा सत्तर के दशक में चर्चा में आए. ’जनता का आदमी’, ’गोली दागो पोस्टर’, ’कपड़े के जूते’ और ’ब्रूनों की बेटियाँ’ प्रसिद्ध कविताएँ. ‘दुनिया रोज बनती… Continue reading