फिल्मी जुनून के पचास साल

पुणे स्थित फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीच्यूट ने भारतीय सिनेमा को कई बेहतरीन कलाकार और फिल्मकार दिए. समांतर सिनेमा का तो जैसे वह सूत्रधार ही रहा है. तकनीक के क्षेत्र में भी इसका योगदान… Continue reading

बी आर चोपड़ा का सफ़र/ भाग दो

‘करवट’ की असफलता के बाद एक बार फिर बी आर चोपड़ा ने फिल्मी-दुनिया में एक सम्भावना की तलाश शुरू की.

Gaon Chhodab Nahin / We Will Not Leave Our Village

Gaon Chhodab Nahin / We Will Not Leave Our Village directed by K. P. Sasi Inspired by a song by Bhaghwan Maaji, Leader of the adivasi struggle against bauxite mining in Kashipur. Lyrics:… Continue reading

South Africa: FIFA forbids free speech at World Cup

by Patrick Bond July 7, 2010/ http://links.org.au/node/1779   Acting against our alleged “ambush marketing” and “incitement” (sic), the South African Police Service, newly augmented with 40,000 additional cadre for the World Cup, detained… Continue reading

देश मेरा रंगरेज ए बाबू …..रंग-रंगीला परजातंतर

पीपली लाईव पर कुछ बात, तस्वीरें और टीज़र बहुत बहुत दिनों के बाद ऐसी कोई फ़िल्म आ रही है जिसका इंतज़ार इतनी बेसब्री से मैं कर रहा हूँ. यह फ़िल्म है ‘पीपली लाईव’. मुझे… Continue reading

बी आर चोपड़ा का सफ़र/ भाग एक

वरिष्ठ फ़िल्म पत्रकार अजय ब्रह्मात्मज के ब्लॉग के लिये मैं बी आर चोपड़ा पर एक सिरीज़ लिख रहा हूँ. प्रस्तुत है उसकी पहली कड़ी: http://chavannichap.blogspot.com/ बम्बईया सिनेमा को देश के सांस्कृतिक जीवन में… Continue reading

लाहौर वाले दाता गंज बख्श

प्रकाश के रे बरगद के संपादक हैं. लाहौर के दाता गंज बख्श के पवित्र मज़ार में गुरुवार देर शाम हुए दो फ़िदायीन हमले में कम-से-कम ४० लोग मारे गए हैं और २०० से अधिक… Continue reading

प्रेम के विरुद्ध खड़ी सभ्यता को संबोधित एक कविता

मुंगेर (बिहार) में 1948 में जन्मे आलोक धन्वा सत्तर के दशक में चर्चा में आए. ’जनता का आदमी’, ’गोली दागो पोस्टर’, ’कपड़े के जूते’ और ’ब्रूनों की बेटियाँ’ प्रसिद्ध कविताएँ. ‘दुनिया रोज बनती… Continue reading

Learning from Bhopal

-D.Raghunandan (Delhi Science Forum) http://newsclick.in The Bhopal verdict has exposed the soft ugly underbelly of the entire Indian judicial, regulatory, administrative and corporate governance systems, not to mention the scandalous behaviour of the… Continue reading

Saving democracy from the corporate veil

Five things the US should do to quell the global outrage after the recent verdict in the Bhopal gas leak case and provide some justice to the victims. –Gopal Krishna, Convenor, ToxicsWatch Alliance… Continue reading

कहे कबीर का कीजै

पुस्तक समीक्षा –प्रकाश कुमार राय (दैनिक भास्कर में 26 जून 2010 को प्रकाशित) पुस्तक: अकथ कहानी प्रेम की- कबीर की कविता और उनका समय लेखक: प्रो. पुरुषोत्तम अग्रवाल प्रकाशक: राजकमल प्रकाशन मूल्य: 500… Continue reading