बर्नी सांडर्स के नाम एक पत्र

बर्नी सांडर्स ने अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव में डेमोक्रेट उम्मीदवार के रूप में हिलेरी क्लिंटन को समर्थन दे दिया है. उनकी घोषणा को यहाँ पढ़ा जा सकता है. इस घोषणा पर अपनी प्रतिक्रिया के रूप में उन्हें यह पत्र संबोधित किया है.

  • प्रकाश के रे, संपादक, bargad.org

सर, निराश तो मैं भी हूँ। अमेरिका और ब्रिटेन का शासनाध्यक्ष सिर्फ अपने देश का नेता नहीं होता, वह पूरी दुनिया का नेता होता है। मेरे होशो-हवास में रीगन-थैचर, बुश-ब्लेयर और ओबामा-कैमरन के राज का असर मैंने देखा और भोगा है। इस सूची में फ्लेवर के लिए क्लिंटन-मेजर की जोड़ी को भी रख सकते हैं। बीते साढ़े तीन दशकों में ऐसा कुछ हुआ कि गरीबों, बीमारों, वंचितों, बेमौत मरनेवालों, गुलामों, विकलांगो, पागलों, हत्यारों आदि की संख्या इतिहास के किसी भी दौर से ज्यादा हो गयी। आबादी में इनके फीसदी के हिसाब से आप देख सकते हैं। आपने देखा ही होगा क्योंकि आपने पिछले महीनों में इन बातों की खूब चर्चा की है।

आपने हिलेरी क्लिंटन की राजनीति पर भी खूब बोला है। जो आपको समर्थन मिला और जो वोट मिले, वे मुख्य रूप से हिलेरी की राजनीति के खिलाफ ही मिले थे। हिलेरी उसी राजनीति की कमांडर हैं जिन्हें दुनिया ने लंबे समय से भोगा है। यह सब आप कह चुके हैं। मुझे उम्मीद थी कि आप और जेरेमी कोर्बिन मिल कर दुनिया के दर्द की मरहम पट्टी करेंगे। आपने समर्पण कर दिया है। देखना है कि कोर्बिन कब तक टिकते हैं। उन पर दबाव और हमले के बारे में आप ब्रीफ ले ही रहे होंगे क्योंकि आगामी दिनों में आप ब्रिटेन समेत यूरोप की यात्रा पर भी जानेवाले हैं।

Screen Shot 2016-07-13 at 1.20.03 PMखैर, आपके द्वारा क्लिंटन को समर्थन देने के संकेत तो कुछ दिनों से मिलने ही लगे थे। मुझे पक्का तब हुआ जब आप उनकी प्रशंसा में ट्वीट करने लगे और वे उन्हें रीट्वीट करने लगीं। सर, अमेरिकियों का स्वास्थ्य, रोजगार और उनकी शिक्षा महत्वपूर्ण है, यह अच्छा है कि आपके कुछ प्रगतिशील मांगों को क्लिंटन ने मान लिया है। पर, अमेरिका और ब्रिटेन से बाहर रहनेवाली बड़ी दुनिया के भी बड़े मसायल हैं जिनके ईलाज की कुंजी आप लोगों के पास है। आपने कई बार कहा है कि अमेरिकी राजनीति और उसके कॉर्पोरेट कुनबे ने दुनिया को नरक बना दिया है। सर, आपके देश ने दुनिया के कोने-कोने में कई वियतनाम बना दिया है।

खैर, आपने तो हिलेरी क्लिंटन को समर्थन दे दिया है। उधर ट्रम्प भी तैनात हैं। मुकाबला एक ही तरह के उम्मीदवारों में है। हमारे देश में ऐसी स्थिति में नशे की खुराक बाँट कर अक्सर खेल जीत लिया जाता है। आपके यहां भी वही। होगा। राष्ट्रवाद की फोंफी और सामाजिक सुरक्षा का लेमनचूस बांटा जाएगा। बस फ्लेवर का फर्क होगा। दुनिया पर इसका फर्क नहीं होगा, वो तो वही भुगतती रहेगी, जो भुगत रही है।

सर, आपने जो किया बहुत है। हमारे देश में आपकी उम्र के बुजुर्ग घर के दरवाजे पर खटिया पर लेट कर लौंडों को धमकाने का काम करते हैं। यह कम कमाल नहीं है कि आपने उन्हें उकसाने का काम किया और उकसा भी सके। सर, अमेरिका भी बदला होगा कुछ आपकी दौड़-भाग से, ऐसा लगता है। सर, दुनिया में अन्यत्र भी कुछ बदला-टूटा होगा, ऐसी उम्मीद है। मुझे तो हौसला मिला, इसके लिए आपको शुक्रिया कहता हूँ, पर हिलेरी क्लिंटन को बर्दाश्त करना इस दुनिया के बस से बाहर होगी। यह दुनिया बिखर जाएगी। इसका कुछ दोष आप पर भी आएगा। आप भले आदमी हैं। आप इसे मानेंगे भी।

सादर,
आपका एक समर्थक-माइनस-वोट-फ्रॉम-इंडिया

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